परतानी पईया
सुनाए मोर सैया
जो कले बितेला दिन राती हो
गदरल जवानी के कैसे बचाई
धडडडडडडड केला छाती हो
धडडडडडडड केला छाती हो
बाड़ा देहिया में
बाड़ा देहिया में होता गुदगुदी रजा
बाड़ा देहिया में होता गुदगुदी रजा
चारहल फागुना के रांग सिहरेला सोपे आंग
हामार फेल भैजाता सारा बुदिये रजा
बाड़ा देहिया में होता गुदगुदी रजा
छोट भैजाता सब देहिया के कापड़ा
घोर से निकली लेता हो जाता लापड़ा
जल्दी
गवाना करावा अपना भिरी तू बुलावा
जाने कब तू हुले बावामर सुधी रजा बाड़ा देहिया में होता गुदगुदी रजा
बाड़ा देहिया में होता गुदगुदी रजा
अमित बलमाना करा तुनादानी
कैसे काटी होलियसो हमको छटानी
लैका बुलावा जवान सब कहेले समान
इहे सुछी दिल में होता हुदगुदी रजा
बाड़ा देहिया में होता गुदगुदी रजा
बाड़ा देहिया में होता गुदगुदी रजा