हमरत कोर जल रंगदारी है बाबू
पलभर में नासा देवुतारी है बाबू
हमरत कोर जल रंगदारी है बाबू
हमके भतावा जल मिठे मिठे
बाती में
सुना गोली चली आज बराती में तोहे टांग लजाई बराती में
सुना ये जान होई हमाँ जमगोड के टांग लजाई तुने कटा के बोल पे
अपना तू दिलवा के राखा हो काबू जल होखा बाबू तु अतना बेगाबू
जानी भोई अतना बोली बर
च्छाती में
तू है क्राजी चले हमां है
सुना दिन इतकान खोली मोना बात के
रह जाई बाबाबू तू घर के न घाट के
तोहर मामा मिला दे हमाटी मे
सुना गोली चली आज बराती में तोहे टांग ले जाई बराती में
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