बेटो गविमाओ जग सारी दीटो भार काई कोनी
लोरे
रहुन दो घडिया पानी मा डूबो
पाधो दिर्मल ओगोरे
भार काई कोनी लोरे रहुन दो घडिया पाणी मा डूबो
पाधो दिर्मल ओगोरे
हुसी यारे ती चाले सदिवानो तारो घण मदी सारो ठीकानोर
हुसी यारे ती चाले सदिवानो
तारो घण मदी सारो ठीकानोर
रामना मेरी उम्हे एक जपूडी बिना कमेरि से अलग पड़ी
पूड़ी
सोच करना खरीदी करलेनो तारो घण मदी सारो ठीकानोर
हुसी यारे ती चाले सदिवानो तारो घण मदी सारो ठीकानोर
गाडी करने मुलाना वता करने का जिरबाद
कि मनक्या करने वतावाज कु?
मनक्या काईं कानेन नाम चाहिए,
कानेन वतावाणा मनक्या काँचाहिए,
काईं हातेन वतावाणा मनक्या काँचाहिए,
काईं मातेन वतावाणा मनक्या काँचाहिए,
वो तारो काईंचा?
अरे वाठे परिया हुबे गारोडी नावनात्रारी लेलेन जडी,
रामनामेरी ओम एक जपूडी बिनाकामेरी से अलग पडी,
सोच करन खरीबी करलेन,
तारो घराबदी तारो धिकाणो,
यारे ती चाले सदी भाणो,
तारो घराबदी तारो धिकाणो,
धरती आस मानेर भीच, यम्रू तेरो एक कूच,
राम आसरेती सिडी लगीच,
बिना पंखारी पंछी पीती रच,
तो खबर याच न पूचले, नो
तारो घराबदी तारो धिकाणो,
हुसी यारे ती चाले सदी भाणो,
तारो घराबदी तारो धिकाणो,
तारो घराबदी तारो धिकाणो,
तारो घराबदी तारो धिकाणो,
तारो पूँछा,
कि परलेरो कामा आवलोज उज मानस कत्ये सरुकत्या,
काईन कु रे भारत नगरेर ये वात,
निन्द आये निरे सारी रातर,
काईन कु रे भारत नगरेर ये वात,
निन्द आये निरे सारी रातर,
गोरमाहिज एक,
भारत नगर के तानी एक, बांद्रा रांग,
पूर्वधिके मावच,
हजार जुपडी में लोग धलेच,
वसे जागापार, आपन हरिभावर आठोडेर हातेपर,
जो लोग आज बेटेच,
और भगवान सम्दन पूद्रेच, कचकी,
हजार जुपडी मा गरिब वसे, वियकुन यासरो उपर देक,
कई पोलिस यान चमका,
जाद दादा घीरी च्छाति वता,
अकड़कत च्छाति परलेले हात,
निन्द आये नीरे सारी रात,
पाई भारत नगरेरी हात,
निन्द आये नीरे सारी रात,
हिममत दीनोवर ये गरिब लोखोना,
पति उची साने कन जाना
प्रदालेरो तलवार लेलेना
आज अनुपुल करमेलो रेना
भाऊरोच लाम्ब हात रे
निन्द आये निरे तारी रात
पण आई भायार गुडी दिसारी
बोड लाव बंजारा कांती दलेरी
शुक दुके मसात राठोडेरी
हर जिवनामल चरे ओरी
बोलो पाची लगी मायान की हामुलाल महाराज की
लोकामसंद महाराज की