इक कहानी है जो तुमको सोनानी है
क्या कहूं मैं तुम भी दिल रोया क्यों फिरसे
तुमको बताओ मैं क्या
एक कहानी है जो तुमको सोनाणी है
सोबापे आती है फिर हुट्वो पे रुख जाती है
अधूरा क्यूं रख्यूं लग रहा
लग रहा
तेरे बिन
थमसा गया है ये पल
ये पल
जो मैं कहन सका दिल में ही रह गया मेरी सुनियो जाना
तेरे प्यार ने पागल कितना हो गया मैं तूने ना जाना
तुझे बुंदे आखे हर पल तू ना जाने है कहा
तेरे राहों पे उरुता हुआ इस दिल का बरिंदा
तेरे बिन तुमसा गया है
ये पल तेरे बिन अधूरा क्यूं लग रहा
लग रहा
लग रहा
लग रहा
समाने में भुकराया
तू तो मेरी
पास थी
साथ थी
खास थी
अब दूर दूर
तुमसे ना जाने क्यूं
तेरे बिन अधूरा क्यूं लग रहा लग रहा लग रहा तेरे बिन तुमसा गया है ये पल