निलाल जिन्गी प्यार
कैल मजबुरी बा
दूगो दिल बना दीरा,
दूगो दिल ज़रूरी बाद
जे करा के चाहिए उन,
बना ले तो दूरी बाद
दूगो दिल बना दीरा, दूगो दिल ज़रूरी बाद
तूतल जब से दिल,
भाई बैखिया जिल,
जन लेले मोहबत बरी बाति कातिल
बाति कातिल
बाति कातिल
अईलेकहानि अधुरिबा
दुगो दिल बनातीरां दुगो दिल जरुरिबा
बतिया लोना मान बनके देखा इनसान
तहा के गलत हुन कैसे कही हावा तू भगवान
मुना बिना के दिल पे मरन गयल छुरिबा
olin