कैसे जी आब बिन तोरा कुछाऊ ना बुझाता
कैसे जी आब बिन तोरा कुछाऊ
ना बुझाता
रे
पगली दोलिया तोर दुसरा घरे जाता
अखिया रोई रे
तोँखे जोः़ी रे
नना नना नना नना नना
घुट घुट के मारे डाली यद तोहर बच्चपान के
तू ता पाके खुस हो जाईबु आपना साझान के
खुट घुट के मारे डाली यद तोहर बच्चपान के
तू ता पाके खुस हो जाईबु आपना साझान के
कितना पिरा बदील में अब हमसे ना साथा
रे पगली डोलिया तोर दुसरा घरे जाता अखिया रोही रे तोहु के जोही रे
तुहरा बीना सूख जाई दिल के हामर बगिया हो
तुही लगाके छाल जाईबु प्यार में हमरा दगिया हो
पहले ना रोहे मालुम तुरा बुतुने के नाता
दोलिया तोर दुसरा घरे जाता अखिया रोही रे तोहु के जोही रे