ए भीया एह गीत में बुधी रूपी भो जाई
आ मन रूपी देवर से
निर्गुड भजन के भावे कैसे जुडलबा
आईं सुनी जा
अईसन चतूर भो जाई हो
दिल लागल देवर से
अईसन चतूर भो जाई हो
दिल लागल देवर से
अईसन चतूर भो जाई हो
दिल लागल देवर से
एक मास
संग सुतनी
भाजन नाम धराईल हो दिल लागल देवर से
अईसन चतूर भो जाई हो दिल लागल देवर से
एक रात देवरा संग सुतनी
एक रात देवरा संग सुतनी
नव ठेलै का पाई हो दिल लागल देवर से
अईसन चतूर भो जाई हो दिल लागल देवर से
कहत्त कभीरा सनत्भाई शाया में भें पर ×्रिवास
किया बप्ति दिशां मेंQuotes न्याग प्रस्ट।
कहत कबीर सुनो भाई साध हो
अईसन पिया तुहूं पाई हो
दिललागल देवर से
अईसन चतूर भव जाई हो
दिललागल देवर से
अईसन चतूर भव जाई हो दिललागल देवर से