दिले ना शाद ना रो, होके बरबाद ना रो,
गुल जा करके उन्हें याद ना रो, दिले ना शाद ना रो, होके बरबाद ना रो,
होके बरबाद ना रो,
गम ना फाले,
तुझको महापत में जो आया ना पराद,
तु अकेला ही नहीं जुल्म के तीरों का शिखात,
इस महापत ने किये जैकड़ों बरबाद ना रो,
दिले ना शाद ना रो, होके बरबाद ना रो,
होके बरबाद ना रो,
नजरें मिलती हैं तो मिलते भी विचडती हैं जरूर,
जिसमें कुछ मेरी अता है ना कोई उनका फुशूर,
होती आई है हर एक जरूर,
दिल से ये बेदाद ना रो, दिले ना शाद ना रो,
होके बरबाद ना रो, होके बरबाद ना रो,
देखना बरूल पत की ना जाने बाए,
कोई आँचू मेरी आँखों में ना निभाए,
तुझको बदना मना सर्थे तेरी फरियाद ना रो,
दिले ना शाद ना रो, होके बरबाद ना रो,
होके बरबाद ना रो, गुल जा करके,
याद ना रो, दिले ना शाद ना रो,
तोके बरबाद ना रो, तोके बरबाद ना रो,