कौता ये हस्ताने को
हमारा उपारिया
देता ये अपना हाथे जान
हमके जोहरिया
कौता ये हस्ताने को
हमारा उपारिया
देता ये अपना हाथे जान
हमके जोहरिया
दूसरा के समय तुटा
लेबू बसाई आपन घार परिवार
सच कहता नी तुहारा से
तुहारा बिना रही जाएगू हम कुमार
सच कहता नी तुहारा से
तुहारा बिना रही जाएगू हम कुमार
तुहारा के सायद हमारा नसीब में
नई खन लिखा ले विधाता
तुहारा के सायद हमारा नसीब में
टूट रहा लेवा एही सेता
रितिया पिरितिया क्यों नाता
पके घर बार नाया जाएगू तुम्हो लाई
यद आई ना हमार
सच कहता नी तुहारा से
तुहारा बिना रही जाएगू हम कुमार
सच कहता नी तुहारा से
कहता नहीं तुहारा से तुहारा बिना रही जाएगू हम खुवार
समझ ना यावे अपना दिलिखे
कैसे हम समझाईबू
सत्य जीत सिंखू दिल जाबुरोई केवनी विधी से मनाईबू
बोला गवन कमी बाटे बाउं चट में हो तोड़ी दिहालू करार
साचे कहता नहीं तुहारा
से तुहारा बिना रही जाएगू हम खुवार