हो देवार!
विचे! विकास!
विकास!
मत्यार कलाज की तमारती!
डाल दिहलरंग मा तू भीतर का देवरू पागल बाड़ा
पागल बाड़ा, पागल बाड़ा
ने हरी के छोड़ी तू ता हमराःसे हो लागल बाड़ा
हुलिया में काहे देवरू हमराःसे हो बाजल बाड़ा
देवरू पागल बाड़ा,
डाल दिहलरंग मा तू भीतर का देवरू पागल बाड़ा
जोचो पागल बाड़ा
मत्यार कलाज की तमारती!
नास दिहलरंग मा तू ता सोला सोके साडी,
डाल दिहलरंग मा पूरा भरल पीच कारी,
लागता कालर मोबिल एके में मीला उले बाड़ा,
डाल दिहलरंग मा तू भीतर का देवरू पागल बाड़ा,
डाल दिहलरंग मा तू भीतर का देवरू पागल बाड़ा,
डाले के देवरू तनी को नाही बासा हू रहो,
मीस दिल बलीया अहनीला लेके कालर जू रहो,
वाला दिल बलीया अहनीला लेके कालर जू रहो,