चतन का गौउच देखा बदल गयली स्टाइल रे दया
स्टाइल रे दया
अब लना पकड़े वाली हाथन में मुबाईल रे दया
क्यों चितरगा?
मेहरारू बीन मन ना लागत है
जब से मेहरारू नहीं हरे गया है
एकदं जुराई जात है
लाओ चा चित्ती लिख देख गवना कराय लाओ
हे मन नहीं सहीं लिख देख बाचित्ती या?
हा कहा है ना लिख देख
ठीक है चला लिख देख
आ लिख देख
चलो
एक गरी ये स्टाइल चल
हे डाकिया वाले मन नहीं लिख खा
आ
या जब तुम नहीं लिख देख रहे था तो तक ये वाई परतर की रोईला
पर परतर की रोईला
पर परतर की रोईला
परतर की रोईला
परतर की रोईला
परतर की रोईला
अखिया के काजर कुल धोवता निहों महो
अखिया के काजर कुल धोवता निहों महो
सीना से सटा के तक या रोईला तानी हो महो
रतिया में तानी को ना सोवता निहों महो
रतिया में तानी को ना सोवता निहों महो
सीना से सटा के तक या रोईला तानी हो महो
सीना से सटा के तक या रोईला तानी हो महो
सीना से सटा के
ये चित्तिया वाले मना यगमा लिखा
हां बोला
हे हमार महरारू
तू इस चित्ति पढ़के
हमरे घरे का बैबू
हम तुहारे लगे सूत्यता हैं
रोज चटपटा आयेला
हम सबके किना अपने घरे की
मुनु मुनु का भोईं है
भगवानती है रोज मना है क्या
है
है
है
है
है
है
है
चाहे चित्ति वाले मना यगमा काहें तुहूं
अपने महरारू ताएं चित्ति लिख देता हैं
अब ये मोर महरारू घरा है तब तुझो रोज पलाइन चपटा की सूत्यता होगा
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