उठाता लावारे नस नस में गोरी
मनावान नहो खताते बस में गोरी
आहटी呢
उठाता लावारे नस नस में गोरी
मनावान नहो खताते बस में गोरी
हाठा!
अब न स़ई लाखकेया किजूण जांजे
अब न स़ई लखकेया किजूण जाँजे
रो माज माधे हाठा जोड रीया बलांजे
छोरी न बलावजी
देखिया तो है बलावजी का कारदा लगाके मन को तो न फीक
अहाँ उठा ता दोडिया लिलाई दोहाँ दिया आज ता नहों करा थोडिया बलावजी
छोरी छोरी छोरी छोरी छोरी या बलावजी
पड़िया बावे
हाटीक
खाँश
खाँश
रोवात बाद्डेने हरा धाके दाबाई जोने कोरा सरी देह छिरा जारा
काहे विगारा रुपन लिगेंके मन जाने कोरा गोरी अपना हो प्रेमके
मने दिकोट हो दा करो जाने कोज़ण विया
हरा जना आज भर जाने तिना खाईले को समझे