वाधिन चन बहुँ सोणा ए
मैं आखातू बहुँ सोणा ए
मतारे अदाल तारी रात जंगे लाला भगमया
वाधिन चन बहुँ सोणा ए
पुखले तू नर दुलबाजा जन कु अपना आप दिखावा
पुखले तू नर दुलबाजा जन कु अपना आप दिखावा
सरा तूझे लिक्रारे आप देलिया पलकड़ पलगापा
सर चलने नयामत का पगली नाराखत पया
वाधिन चन बहुँ सोणा ए
मते दीचा मड़वालिया तेरे बुणजा मड़वालिया
तुमें दाखी मसकियां दे देटां दे सासाथन पया
वाधिन चन बहुँ सोणा ए
पुल मंग दे रग तेरा पितली मंग दी संग तेरा
मैं करंब देखू रेखां पय
मते ते अक्खियां देखां पय
बलके आओ नदीने नाराखत पया
बलके आओ नदीने नाराखत पया
वाधिन छं बहुँ सोणा और मयाखां तो बहुँ सोणा
बफ़ानाल फारी आक्खेले लाला कान पही