देशा,
देशा, क्लाद मकड οरिके
कुछ यहां कुछ यूगते हैं
जो बाबु नाहा घेहरे लगत
इसीतलाही तोर शेंह भीड़त
जो बबु जल्ड़ गयू
जो बाबु नाहा घेहरे लगत
किस लाई तो रासे न फ़गत
खाली कहा है जवाणी के जाड़ेब
किछी ये महोड़त बिहार न हाद जबओँ
चल गे
गीरे ओसे खेरे जीसी बड़ी बड़े बिसबीसी बागुबाचा चीकाचा अभी करना रही सी
लगाई तेहे गो ठाबा मैं यहाँ गए धोना धोना कोड़ो भो
तुदसे नीटली के गो इच्छाली तोभागुँ होद कोड़ो भो
पुराना सिके रस अब गार देवो
कच्छी महोड़त बिहार न हाद जबओँ चल लाड़ पड़ा जैडेंगो जहारी देवो
चल गे
चल लाड़ पड़ा जैडेंगो जहारी देवो
चल लाड़ पड़ा जैडेंगो जहारी देवो
हमर देहे थेले खूल बाबू एक तना न भूल हेरे सतला पाथ वेना लकन रहूल
कहडं ताभाँ पड़ा फूटा तंग तंग जहाब लाद बहाँ गे
रोवी थंधाँ भाँ केला गईबं तभ तभ बहाँ गे रोवी
राटर आज इसको हो आई
सुतार देवो
कची ये पहुदत भी हार ना हार जेवो चल लाड़ पड़ा जैडेंगो जहारी देवो