क्योंकि चलत डगरीया
पीराजा लपाऊं रे
जोनियोंसे दूर बाद बलनवा के गाओं रे
चलत डगरीया
पीराजा लपाऊं रे
जोनियोंसे दूर बाद बलनवा के गाओं रे
जोनियोंसे दूर बाद बलनवा के गाओं रे
भोचपुरी के सब्दन है इसमें
चलत डगरीया पीराजा लपाऊं रे डगरीया मानें रास्ता
उस रास्ते में चलने में पैर में दर्द होता है
चलना कहाँ है जोनियोंसे दूर बाद
जोनियोंसे दूर बाद बलनवा के गाओं रे जोनियोंसे दूर बाद
बलनवा के गाओं रे जोनियोंसे दूर बाद बलनवा के गाओं रे
जोनियोंसे दूर बाद बलनवा के गाओं रे जोनियोंसे दूर
बाद बलनवा के गाओं रे जोनियोंसे दूर बाद बलनवा के ग
चलत डगरिया पिराजाल पाओं रे
जोनियोंसे दूर बाद बलनवा के गाओं रे
रेहो
रीवो
करनी न धरनी तः फेरामे परनी
बादा रे कठिन बापार तैल बयतरनी
करनी न धरनी तः फेरामे परनी
बादा रे कठिन बापार तैल बयतरनी
पाओं रे नयावे
आवता ढुबाव रे
जोनियोंसे दूर बाद बलनवा के गाओं रे
चलता दगरिया पिराजाल पाओं रे
जोनियोंसे दूर बाद बलनवा के गाओं रे
करबऊः पईबः
चपऊः पईबः
करबऊः पईबः
तम्ही बऊः है खईबः
करबऊः है फईबः
तम्ही बऊः है खईबः
दूसर आखे देख दे अनिरलल चईबः
दूसर आखे देख दे अनिरलल चईबः
जो करोगे वही मिलने वाला है
जो कमाओगे वही खाओगे
पेड़ अगर बभूल का बोया है तो आम कहां से पाओगे
जीवन में कभी कथा नहीं सुने कभी सप्संग नहीं किया
किसी गरीब की सहायता नहीं किया
और वहां सोचो जा कर
कि बैकुंथ मिलेगे तो मिलेगा क्या
वहां तो नरक ही मिलने वाला है
क्यों कि जैसा करोगे कर्म वैसा ही मिलने वाला है इसलिए
करबवुह थईबा बमईबवुह थईबा
तूसरा के देखके अनिरलल चैबा
सत्तु पर सबूर करा
मिली ना पुलावुरे
जोनीयों से दूर बार बलमवा के गावुरे
जोनीयों से दूर बार बलमवा के गावुरे