चल चल यहाँ
जेज़बाथ सनि चल भुझरिया
जेज़बाथ
मत्थावाप बानलाले पागारी
चल चल यहाँ जेज़बाथ मत्थावाप बानलाले पागारी
चल के पाठ करीजा नौधिन मईया के मंदिर में
इक दुस्रा के मंगल मननत माँग जाएं तक्दीर में
दुसरे के मंगल मननत मांगल जरी तकदीर मी
भरनमी ओहि थाया जै जै बाद
एको बाद हाँ जीवन में ना खाँगारी
निके निके हम निके जो सर्धा पूरा होई
हमरो घरवा तो घरो घरवा मानी जै सब कोई
कोई के सब से सला हवाल जै जै बाद कोई मैहर में बिया हवाल जै जै बाद
साउन रहे हैं बाबलो पंकज बासूधारी
चला चला हवाल मैहर नाधरी
चला चला हवाल मैहर नाधरी