प्यारे साथियों
देहाती रागनी एंडिजे की ये प्रस्थूती आपके थामने
किस ना रहेगा राजान नालो और दम्यन्ती
उस समय की वाद
जिस समय
राजान नालो और दम्यन्ती बियाबान वन्खंड में
एक खुट्या में जटे हुए हैं
राब को
दम्यन्ती तो अपना पहरा देकर पहुजाती है
राजान नल का पहरा आता है
सोचने लगा
कि कब तक मेरे साथ में रहेगी राणी दम्यन्ती विचार आया
कि तुमसे छोड़कर चला जा आदी साडी काटकर राजान नल चल देते
हैं और क्या क्या विचार उनके मन में आ रहे हैं आएए किस
तरीकी से कवी ने क्या निकड़िया इस राघने को लेकर हरे
औरे चाल पड़ा नल
बही दिल में
रंज हुया बारी
दई छोड़ सोवती अपने दिल की प्यारी
दई छोड़ सोवती अपने दिल की प्यारी
चाल पड़ा नल बही दिल में रंज
हुया बारी दई
छोड़ सोवती
अपने दिल की प्यारी दई छोड़ सोवती अपने दिल की प्यारी
और मेरे
जैसा और नहीं रे निर्मोहीम ने
अपने हाथों
बाढ़ सूल की वोई
तेरी
किसमत ने देख मेरी ले आतमा रोई
तन
मेरे कारण
ऐसे अमीरी खोई
ने रे मेरी गैल्या तू भी
दुखड़ खारी दई
छोड़ सोवती अपने दिल की प्यारी ओ दई छोड़ सोवती
अपने दिल की प्यारी
और बेठ सिराने
दम्यनती ने निहारे बतां
कैसे छोड़ूं दिल ना दीरजदारे
ओ बतां कैसे
छोड़ूं
दिल ना दीरजदारे
पर करियो माफ़ू मने दिल ही दिल में पुकारे
तने नहीं री मिलूं चाहे डूंड लियो री जग सारे
तने नहीं री मिलूं चाहे
डूंड लियो जग सारे
दम्यनती क्यूं तरदार दाके खारी दही
छोड़ सोवती
अपने दिल की प्यारी हो दही छोड़ सोवती
अपने दिल की प्यारी
और जिन्दगी रही तो
देरी
मिलेंगे राणी मेरे तेरे प्यार के फूल खिलेंगे
ओ राणी मेरे तेरे यान के फूल खिलेंगे
मैं दुख जेलूं री तुझ पे नहीं रीज़ हिलेंगे
अरी सत्वादी ना अपने परण तेहिलेंगे
सत्वादी ना अपने परण तेहिलेंगे
हो अरी दैई छोड़
सोवती अपने दिल की प्यारी
हो दैई
छोड़ सोवती अपने दिल की प्यारी
छालों पे पड़ गी नजर
निर्वर आया
दुख वोगे तेरी
कंचन वरगी काया
हो क्यों दुख वोगे तेरी कंचन वरगी काया
नल ने जुलम कमाया
नल ने जुलम कमाया
नल ने जुलम कमाया
दुख वोगे तेरी काया नल ने जुलम कमाया नल ने
जुलम कमाया नल