अब चला घरे से अब तो लोग के कौन जरूरत ना है घरे में
मात निकाला लाल
मात निकाला
अब हम कहां आ जाएँ
सुनवा तु सुनवा लाले हमारो बचनी आओ
हमारी बचनी आओ
सुनिलेवा आरजे हमारी
राम
कावने करन वालाले घर से निकाले लाहो
घरवा से निकाले लाहो
भाईले कवन हम हन से कसूरन उराम
भाईले कवन हम हन से कसूरन उराम
ना वही महिन वाला ले पेटा
दरद महतारी के न जाने ला हो राम
दूधवा पियाई लाले तोहान के जिया वाली हो
दूधवा पियाई लाले तोहान के जिया वाली हो
दूधवा पियाई लाले तोहान के जिया वाली हो
करनी आहो राम घुल कैला माई के करनी आहो राम
जाड़ा में रजाई बारिस छत्री बने कैली हो छत्री
बने कैली हो बने कैली
धूप
में हम छावन हो राम
बने कैली धूप में हम छावन हो राम
कई के मजदूरी लाल दोहा के पड़ावली हो तो हके हम पड़ावली हो
घुले कैला ग्यान के गढ़ारी आहो राम
घुले कैला ग्यान के गढ़ारी आहो
ना हो रहा है
अजय को अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय को
अजय।
अजय को
मोहानी में हरिया हो राम पाई गईला मोहानी में हरिया न हो राम
सुनवा तु सुनवा लाले हमारो बचनिया हो हमारी बचनिया हो
सुनिलेवा आरज हमारी न हो राम