हमारे अग्बार वाले भी लिखते थे
पाकिस्टान के पाद भी नूकलियर है
तो हमारे पाद क्या है भै?
ये तीवाली के लिए रखा है गया?
मिट्टी से मुझको प्यार है
भारत मेरा अभिमान है
इस देश के प्रती प्लेम मेरा ये पुर्खों के संसकार है
जो बूले बच्चे सामने आये ख़दब गरतो उनको
सिंदूर लगा है पाक में अब इंडिया तेरी ताक में
रफेला आयेगा रातों को तो पाक चुदें रात में
संसद में है ये काप रहे विदेशी से भीग मांग रहे बचा लो मुझको
इंडिया से पापा मुझको मार रहे ये टाइमन चक्रे डाला है भारत के
गले में माला है वो देश नहीं बच्चेगा जिसने आत्मवादी पाला है
इसलिए एगरेशी हो गो जम्मु और कस्मी के पीएको को आप भारत का
इस्ता नहीं मांटे हो क्या एगरेशी नहीं हो जान दे देंगे इसके लिए
चले चले
उठेंगे चाती में पित्तल बर देंगे पिछवाडा साथ सूथेङे पिछवाडा साथ सुथेङे
देके 47 की गोली भी बेजे में ढूसेंगे
कलमा पढ़वाया थाना हनुमान 40 आप पूछेंगे
यदा यदा ही धर्मस्य गलानिर्भवति भारत
अभ्यूतानम धर्मस्य तदात्मानम सुजामय
बरित्रनाय साधुनाव विनाशाय च दुष्ट्रताव
धर्मसंथापनार्थाय संभवामी युगे युगे