राधा राधा कहत है
जे नर आठोया
ते भव सिन्धू लंगिके
बसत सदा ब्रजधा
भजले रे मन राधी राधी शाम तुम्हे मिल जाएंगे
राधा नाम जब आई लभोप काना मेरे दिख जाएंगे
भजले रे मन राधी राधी शाम तुम्हे मिल जाएंगे
राधा नाम जब आई लभोप काना मेरे दिख जाएंगे
भजले रे मन राधी राधी
भजले रे मन राधी राधी
रहेगे ना व्यथा तनिक भी दूर होगी बादा सारी
है अपनी विश्वान दुलारी पिजवासन कीर दे प्यारी
भज़िन ना व्यथा तनिक भी दूर होगी बादा सारी
है अपनी विश्वान दुलारी पिजवासन कीर दे प्यारी
मेरे राधिका स्नेह की गागण
भज़ ले रे मन राधी राधी शाम तुम्हे मिल जाएंगे
राधा नाम जब आई लबू काना मेरे दिख जाएंगे
भज़ ले रे मन राधी राधी
हो जाओगे तुम अगर जब राधा नाम पकारोगे
पास होगे फिर लक्ष तेरे बस राधा राधा गाओगे
राधा
हो जाओगे तुम अगर जब राधा नाम पकारोगे
पास होगे फिर लक्ष तेरे बस राधा राधा गाओगे
वेरी लाटली कुमल हिरदे की
कश्ट
हरने जाओगे
भज़ ले रे मन राधी राधी
शाम तुम्हें मिल जाओगे
राधा नाम जब आई लबोपे
काना मेरे दिख जाओगे भज़ ले रे मन राधी राधी