दसगो मा डोर रही जमना के माथे
चरभ जैमाल हम करेन साथे
दसगो मा डोर रही जमना के माथे
चरभ जैमाल हम करेन साथे
से ते मेणा जिन गीता बाहव पर बड़े
अन पोलिस से ड़ना
रंगदार होक है
इन टाइम कमड़िया में
अथियार खोसे
और सनाओ
मांगवारे से भादवाईब हो
दिन के दिन दार बनाईब हो
कोड़ बानी से रोनी हाम से रवे सेवियाँ होक रभो रे
जब चोड है बुले टवा पे गरदा गरदा कर दे
देखी लोई की सोरो टवा पे
ओकारा पर मारे
बाणी सोडी पूडा में देन रहे फिर रोना ही उपिले देन रहे
क वो
होट छПक करने को
संगित रहा।