लवो पे कैसी खामोशे पर दिल में कितना शोरिल है।
तेरे हाथों में मेरा हाथ पर अब कोई प्यवार है।
याद तुझको आते होंगे बीते लम्हों के निशाँ।
तुझसे भी तो कहती होंगी तेरी ये तनहाईया।
सम्बल गया।
हम सम्भल गये।
बदल गये।
तुम।
बदल गये।
सम्भल गये।
हम सम्भल गये।
बदल गये।
तुम।
बदल गये।
क्यों दिल में पहली है बेवजा ये गलत फहमिया
हाँ इस खामोशे के वज़ा तो है ये मजबूरिया
तेरे दिल में जाने क्यों है ये पेर सब अप्थरकिया
पूछती तुम से होंगी तुम्हारी विरानिया
पूछती तुम्हारी विरानिया
बदल गए तुम बन गए।
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