पुपु पुना राजादी
रहता पलंग हमर सुना
लागता कि हैले नाई खेछुना
एहिसे बड़ा पुना राजादी
बढ़ता जोबने इदु गुना
अभिले ना भैले गुमुना
एहिसे बड़ा पुना राजादी
पुपु पुना राजादी
मन नही भोगी को मैला से
अकेले पिया खैला से
जीवन के उसलि सुखँ तुह पईबग
मेहर के भीरी आयला से
मन नही भोगी को मैला से
अकेले पिया खैला से
ज्जीवन के उसलि सुखँ तुह पईबग
मेहर के फीरी आयला से
लागता की चोलि नही लूना
ओइल बागोता मुझ अभि सुना
एही से बारा पुना राजा जी
पुना राजा जी
पुना राजा जी
जब जाये के रोहे बाहर आवा हो
ता छोड़ियाई तो नोई हरवा हो
काहे के गमन करहाके लेयोईलो
माझमार रोकी देवरवा हो
अरे ल्हूट ले रसा
जब जाये के रोहे बाहर आवा हो
ता छोड़ियाई तो नोई हरवा हो
काहे के गमन करहाके लेयोईलो
माझमार रोकी देवरवा हो
सब दियेलो ना तु धुगुन गुना
बाड़ा देवा साछो तु नमुना
एहिसे बड़ा पुना राजाजी
एहिसे बड़ा पुना राजाजी
बढ़ता जो बनेई दुगुना
अभिले ना भले गुमुना
एहिसे बड़ा पुना राजाजी
एहिसे बड़ा पुना राजाजी
तु बड़ा पुना समान परल हिल्सोना और राजा