एएएएए...
आज फिर भीगी...
भीगी रात में...
मुझसे बरसात में...
बाद में अपने एहसास को...
मेरे एहसास में रख देना...
आज फिर भीगी...
भीगी रात में...
मुझसे बरसात में...
बाद में अपने एहसास को...
मेरे एहसास में रख देना...
मैं प्यासा हूँ कब से तेरा...
तु सेराब कर दे मुझे...
मैं लिप्टू बदन से तेरे...
यूपे ताब कर दे मुझे...
मुझे तेरी मुझबतों की लज़ते चाहिए...
एह माहरू मेरी हर आरजू...
मैं तेरे रूबरू रख दूँ...
रख दूँ...
एह माहरू मेरी हर आरजू...
मैं तेरे रूबरू रख दूँ...
दूप रहे या छाओ रहे...
मैं ही तरा
साया बनू...
देखू तुझे...
सोचू तुझे...
तुझ को ही मैं प्यार करू...
होठों से
कुछ ना कहू...
आखों से इजहार करू...
तुझे में रखू मुहतरम...
ना तूटे मेरा ये भरम...
तुझे चुल लिया राह बर...
ना करना मुझको बे सफर...
ये दिल तेरी
आदतों के फितूर में आ गया...
एह माहरू मेरी हर आरजू...
मैं तेरे रूबरू रख दूँ...
रख दूँ...