माता वही मरी जाय जो नाने दूध छोडावे
और पीता वही मरी जाय जो बीद्या नाही पढ़ावे
बेटा वही मरी जाय जो बाप के नाम गभावे
और बेटी वही मरी जाय जो कूल में दाग लगावे
बैल वही मरी जाय जो जोती के नाही हिंगावे
और भैशो वही मरी जाय जो दूहत टांग उठावे
बोलत नामुसुकाई बोलत नामुसुकाई मरे मुहटू और नारी
मरद वही मरी जाय बसे अपनी सोसुरारी
अरे जब खिलल कलीशे तू खिलल जब खिलल कलीशे तू खिलल अब लटकलया ना रावा
सुनी ए गुरुजन सज्जन सिर्मन ए दुनिया सारी मतलब की
जब चपकल कजा रावा तू पोछलो
अई बहता का जाड़ा वा ना होई
गए
पहली पहल सोसुरारी में साली से हुसी हुसी बतिया वला
सरहाज से
लहरीया तू लिहलो
तो हरमों के पर हरमों फिलमे मोतियों का
दाना तू खिलल
जब कटहर का कोबा तू चबल ता है मोता का मुझा रावा
ना होई ना होई ना होई ना होई ना होई ना होई ना होई
ना होई ना होई ना होई ना होई ना होई ना होई ना होई
ना होई ना होई ना होई ना होई ना होई ना होई ना होई
ना होई ना होई ना होई ना होई ना होई ना
होई ना होई ना होई ना होई ना होई ना ह