आवा चली बगीया की ओर परदेशिया
आवा चली बगीया की ओर परदेशिया
बगीया की बीचावा में उम्मण तलिया
करेली मछरीया की लोल
लहरे लहरीया कमनिया के जैसन जीया में उठेला हिलो
आवा चली बगीया की ओर परदेशिया
जुकली की तलिया मदन रास मातली उड़ी उड़ी फुलवा की ओर
कुश्मी चुनरिया में दाग जैसे लागेल भवरा मचावेला शोर
आवा चली बगीया की ओर परदेशिया
चहकेच रईया चकोरिया के नाई भरे भरे अखिया में लोर
पापी रे पापी हरा भीया भीया बोले कहमा तू गईला चित छोर
आवा चली बगीया की ओर परदेशिया