जदी हां मराज के छारी
ये देखी के होता
परसानीया और विगड़ाल जाता रोहानीया
लगता विनाया सल में हाँ पो के भुलाई बे
जदी छाविस में छोड़ी के जाई बे तो चाटल छीहातारी कहाई बे
पहले ना वैसन रहे जों भई लाज़बा दिने पदिन तोर बदुलत मिझाज़बा
पहले ना वैसन रहे जों भई लाज़बा दिने पदिन तोर बदुलत मिझाज़बा
भोखा दे के हमारा के खुसन रह पाईबे
जदी हमारा के छोड़ के जाई बे तो छाविस में छीहातारी कहाई बे
जदी छाविस में छोड़ के जाई बे तो चाटल छीहातारी कहाई बे
जदी हमारा के छोड़ के जाई बे तो छाविस में
छीहातारी कहाई बे
रहले पवीतर करतारे अत हमरा भीलो धावीतर
पहिले तु सिधा साधा रहले पवीतर करतारे अत हमरा भीलो धावीतर
निके सुबीर जेस के लागे
आबुते सताईबे
रहले पवीतर के लागे
आबुते सताईबे